November 3, 2026
खेतों में बिछ गई धान की फसल, अब मुआवजे की आस में किसान पहुंचे कलेक्ट्रेट

राकेश सिंह की अगुवाई में किसानों ने बुलंद की आवाज, डीएम ने तीन दिन में सर्वे कराने का दिया निर्देश

मऊ- खेत में किसान की मेहनत जब पानी में बहती है तो सिर्फ फसल नहीं, पूरे परिवार की उम्मीदें टूटती हैं। कुछ ऐसा ही दर्द लेकर बुधवार को सैकड़ों किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। 28 से 30 अक्टूबर को हुई बेमौसम बारिश और अर्णव तूफान ने जिले में किसानों की धान की फसल को खेतों में ही गिराकर बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया है।जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा नेता राकेश सिंह के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने नारेबाजी करते हुए अपनी पीड़ा जाहिर की। किसानों ने जिलाधिकारी आनंद वर्धन से मुलाकात कर तीन सूत्री ज्ञापन सौंपा और खेतों का प्लांट-टू-प्लांट सर्वे कराने की मांग उठाई। किसानों का कहना था कि एमटीयू-7029 (नाटी मसूरी) धान की फसल में रेडा लगने के बाद तेज हवा और बारिश से फसल जमीन पर गिर गई है। इससे उत्पादन करीब 50 प्रतिशत तक प्रभावित होने की आशंका है। वहीं सरसों, मटर, मसूर, आलू और चने की बोआई भी खेतों में पानी भरने से प्रभावित हुई है। किसानों ने फसल क्षति का मुआवजा, केसीसी ऋणधारकों को बीमा क्लेम तथा बारिश में गिरे मकानों के पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और आवास दिलाने की मांग की। राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद जिले में सर्वे की रफ्तार बेहद धीमी है। इस पर डीएम ने अपर जिलाधिकारी को तीन दिन के भीतर फसल क्षति का सर्वे कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। उन्होंने गिरे मकानों के पीड़ितों को भी सहायता दिलाने का भरोसा दिया। कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों के गले में मांगों की तख्तियां थीं और जुबान पर एक ही आवाज थी— फसल बर्बादी का मुआवजा दो, किसानों को उनका हक दो। इस दौरान किसान नेता देव प्रकाश राय, लोक दल जिला अध्यक्ष देवेंद्र  सिंह, नरेंद्र तिवारी ,अवध  राज यादव,शिव शक्ति सिंह, उदय प्रताप सिंह समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

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प्रमोद कुमार तिवारी
प्रमोद कुमार तिवारी

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