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स्कूल बसों में छात्राओं के साथ महिला अटेंडेंट जरूरी
प्रमोद कुमार तिवारी
जिला संवाददाता
मऊ- स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा को लेकर परिवहन विभाग अब सख्त रुख अपनाने जा रहा है। ‘मिशन सेफ फ्यूचर-3.0’ के तहत 14 से 19 सितंबर तक जिलेभर में स्कूल वाहनों की सघन जांच की जाएगी। अभियान में वाहनों की फिटनेस के साथ सुरक्षा मानकों और नियमों के अनुपालन पर विशेष नजर रहेगी। एआरटीओ सुहैल अहमद ने बताया कि जिन स्कूल बसों में छात्राएं सफर करती हैं, उनमें महिला परिचारक की मौजूदगी अनिवार्य होगी। जांच टीम इस व्यवस्था को खास तौर पर परखेगी। नियमों की अनदेखी मिलने पर संबंधित वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिले में कुल 1181 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें 30 वाहनों की फिटनेस फेल होने के कारण उनका पंजीयन पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अभियान के दौरान इन वाहनों के अलावा एनओसी वाले वाहनों के संचालन की भी जांच होगी। परिवहन विभाग ने साफ किया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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