Oplus_131072
मऊ में विशेषज्ञों का हो रहा है बीजों पर महामंथन
रिपोर्ट:✒️प्रमोद कुमार तिवारी
मऊ- खेत में लहलहाती फसल की कहानी भले ही कटाई के समय दिखाई देती हो, लेकिन उसकी पहली उम्मीद एक छोटे से बीज में जन्म लेती है। बदलते मौसम, बढ़ते सूखे और अनिश्चित बारिश के दौर में यही बीज अब खेती को टिकाऊ और मजबूत बनाने की सबसे अहम कड़ी बनता जा रहा है। इसी उद्देश्य को केंद्र में रखकर भा.कृ.अनु.प.–राष्ट्रीय बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, मऊ में “उत्तर प्रदेश में सतत कृषि के लिए जलवायु-लचीली बीज प्रणालियाँ” विषय पर दस दिवसीय ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद, लखनऊ के प्रायोजन में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 21 से 30 सितंबर तक चलेगा। 22 सितंबर को आयोजित उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक डॉ. परमेंद्र सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. ए. आनंदन ने की। उद्घाटन अवसर पर डॉ. परमेंद्र सिंह ने कहा कि बीज केवल खेती की शुरुआत नहीं, बल्कि कृषि व्यवस्था की पूरी नींव है।

Author Profile
Latest entries
मऊ समाचारSeptember 23, 2026स्मृति से सृजन तक: पद्मनाथ सिंह के नाम पर पुस्तकालय भवन का लोकार्पण
विज्ञानSeptember 23, 2026बदलती जलवायु में खेती की नई उम्मीद: बीजों को बनाया जा रहा लचीला
मऊ समाचारSeptember 22, 2026बड़राव में लगी चौपाल, पेंशन और महिला योजनाओं की मिली जानकारी
मऊ समाचारSeptember 22, 2026त्योहारों को लेकर पुलिस-प्रशासन ने कसी कमर, पीस कमेटी की बैठक में बनी रणनीति
