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रिर्पोट: ✒️ प्रमोद कुमार तिवारी
मऊ– कृषि को टिकाऊ पर्यावरण अनुकूल और किसानों के लिए लाभकारी बनाने के उद्देश्य से आईसीएआर – राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो(एनबीएआइएम) और आईटीसी लिमिटेड के बीच तीन वर्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के तहत देश के दस राज्यों में लगभग 1.70 लाख एकड़ कृषि क्षेत्र और 1.50 लाख किसानों तक सूक्ष्मजीव आधारित जैव उत्पाद पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश,और तमिलनाडु में लागू होगा। किसानों को वैज्ञानिक रूप से विकसित तरल जैव उर्वरक और जैव कीटनाशी तकनीकों के साथ प्रशिक्षण, प्रदर्शन, तकनीकी जानकारी और खेत स्तरीय मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता और खेती की लागत घटाना, मृदा स्वास्थ्य सुधारना तथा फसल उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाना है। दोनों संस्थानों की वैज्ञानिक विशेषज्ञता और आईटीसी के क्षेत्रीय नेटवर्क के जरिए सफल तकनीक को विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्र तक पहुंचाने की योजना है। लक्षित राज्यों के किसानों के अलावा आईसीएआर-एनबीएआईएम, मऊ के आसपास के गांव के किसान भी उपलब्ध जैव उत्पादों की जानकारी के लिए ब्यूरो से संपर्क कर सकते हैं। संस्थानों के अनुसार यह सहयोग विज्ञान को खेतों तक पहुंचाने और सूक्ष्मजीव आधारित समाधानों के प्रभावी उपयोग के प्रति जागरूकता को बढ़ाने में मदद करेगा। इससे संसाधन कुशल और जलवायु स्मार्ट- कृषि को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
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